आगरा में तीन नए आरओबी की मंजूरी: 116 करोड़ की परियोजना से एक लाख लोगों को राहत

आगरा के ईदगाह रेलवे स्टेशन के पास प्रस्तावित ओवरब्रिज के साथ अब बारहखंभा और नगला छऊआ फाटक पर भी रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने की तैयारी तेज हो गई है। इन तीनों आरओबी के निर्माण पर लगभग 116 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद आसपास के क्षेत्रों के एक लाख से ज्यादा लोगों की आवाजाही आसान हो जाएगी और सदर तहसील तक बिना रुकावट सीधा आवागमन संभव होगा।
मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में छावनी क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश ने बताया कि अर्जुन नगर, सराय ख्वाजा, नरीपुरा, धनौली, मलपुरा और जगनेर रोड से आने-जाने वाले लोगों को रोजाना रुई की मंडी, शाहगंज और एमजी रोड की तरफ जाते समय भारी जाम का सामना करना पड़ता है। आगरा कैंट पुल से एमजी रोड की ओर बढ़ने में अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपा गया था।
इसके बाद 65 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई। लोक निर्माण विभाग से 17 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल गई, जिसमें से 12 करोड़ रेलवे और 5 करोड़ सेतु निगम को आवंटित किए गए थे। लेकिन गति शक्ति योजना के तहत देशभर में रेलवे फाटकों को समाप्त करने की नीति लागू होने के बाद संशोधित डीपीआर तैयार की गई। इसमें अर्जुन नगर, बारहखंभा और नगला छऊआ फाटक पर भी आरओबी निर्माण को शामिल कर लिया गया, जिसकी कुल लागत अब 116 करोड़ रुपये हो गई है। इस पूरी लागत का वहन रेलवे करेगा।
नगला छऊआ फाटक से आगरा कैंट से ईदगाह तक जाने वाली ट्रेनें गुजरती हैं, जबकि बारहखंभा फाटक से राजस्थान की ओर जाने वाली ट्रेनों का आवागमन होता है। विधायक डॉ. धर्मेश के अनुसार ओवरब्रिज तैयार होने के बाद यातायात में बड़े पैमाने पर राहत मिलेगी। ईदगाह स्टेशन के आरओबी के माध्यम से लोग सिर्फ दो से तीन मिनट में तहसील चौराहे तक पहुंच सकेंगे। साथ ही रुई की मंडी फाटक को भी बंद कर दिया जाएगा।


