प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हैदराबाद में 5,978 करोड़ रुपये के बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह मामला नौहेरा शेख और उनके सहयोगियों से संबंधित है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान कल्याण बनर्जी के रूप में हुई है, जो जांचकर्ताओं को धमकाने और जांच प्रक्रिया में दखल देने का प्रयास कर रहा था। ईडी के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने कल्याण बनर्जी को 10 जनवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत हिरासत में लिया। इसके बाद 11 जनवरी को उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 23 जनवरी 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
ईडी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि जांच में हस्तक्षेप करने या अधिकारियों को डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह जांच देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर की जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि नौहेरा शेख और उनके साथियों ने जनता को 36 प्रतिशत से अधिक वार्षिक रिटर्न का लालच देकर करीब 5,978 करोड़ रुपये जुटाए, लेकिन बाद में निवेशकों को न तो मुनाफा मिला और न ही उनकी मूल राशि वापस की गई।
ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल नौहेरा शेख ने अपने नाम, अपनी कंपनियों और रिश्तेदारों के नाम पर कई अचल संपत्तियां खरीदने में किया। अब तक एजेंसी 428 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त कर चुकी है। इस संबंध में विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत और पूरक शिकायत भी दायर की जा चुकी है।
ईडी ने पीड़ित निवेशकों को राहत दिलाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कुर्क की गई संपत्तियों की नीलामी की अनुमति मांगी थी। अदालत से मंजूरी मिलने के बाद इन संपत्तियों को एमएसटीसी के माध्यम से नीलामी के लिए सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि, ईडी के अनुसार नौहेरा शेख ने सुप्रीम कोर्ट और तेलंगाना हाईकोर्ट में बार-बार याचिकाएं दायर कर नीलामी प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया है। इसके बावजूद एजेंसी कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को आगे बढ़ा रही है।


