महंगे न्यूयॉर्क की कमान ममदानी के हाथ, ट्रंप की धमकी के बीच नई शुरुआत

न्यूयॉर्क सिटी को अपना नया मेयर मिल गया है। डेमोक्रेट नेता जोहरान ममदानी ने मैनहैटन स्थित एक ऐतिहासिक लेकिन लंबे समय से बंद पड़े सबवे स्टेशन में पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह समारोह पुराने सिटी हॉल सबवे स्टेशन में आयोजित हुआ, जो अपनी खूबसूरत मेहराबदार छतों और शहर के शुरुआती ट्रांजिट इतिहास के लिए जाना जाता है। शपथ ग्रहण के दौरान ममदानी ने कुरान पर हाथ रखकर पद की जिम्मेदारी स्वीकार की। इस मौके पर उन्होंने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। यह निजी समारोह न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने संपन्न कराया, जो ममदानी की करीबी राजनीतिक सहयोगी मानी जाती हैं।
पहले भाषण में क्या बोले ममदानी?
मेयर के रूप में अपने पहले संबोधन में ममदानी ने पुराने सबवे स्टेशन को “शहर की आत्मा” बताया। उन्होंने अपने प्रशासन की शुरुआती नियुक्तियों की भी घोषणा की, जिसमें माइक फ्लिन को नया परिवहन आयुक्त बनाए जाने का एलान शामिल है। भाषण के अंत में उन्होंने सभी का आभार जताया और मुस्कुराते हुए समारोह स्थल से बाहर निकले।
कौन हैं जोहरान ममदानी?
34 वर्षीय जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क सिटी के इतिहास में कई मायनों में नया अध्याय लिख रहे हैं। वे शहर के पहले मुस्लिम मेयर, अफ्रीका में जन्मे पहले मेयर और दक्षिण एशियाई मूल के पहले नेता हैं। ममदानी का जन्म युगांडा की राजधानी कैंपाला में हुआ था। सात साल की उम्र में वे अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क आ गए थे और वर्ष 2018 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिली।
नई सरकार के सामने चुनौतियां
दुनिया के सबसे महंगे शहरों में गिने जाने वाले न्यूयॉर्क में रहने की लागत घटाना ममदानी की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके एजेंडे में मुफ्त चाइल्ड केयर, बिना किराए की बस सेवाएं, लगभग 10 लाख घरों के लिए किराया नियंत्रण और नगर निगम द्वारा संचालित किराना स्टोर का पायलट प्रोजेक्ट शामिल है।
इसके अलावा उन्हें कचरा प्रबंधन, बर्फबारी, चूहों की समस्या, सबवे में देरी और सड़कों पर गड्ढों जैसे रोज़मर्रा के मुद्दों से भी निपटना होगा।
ट्रंप फैक्टर भी बना चिंता
ममदानी अब अपनी पत्नी रमा दुवाजी के साथ मैनहैटन स्थित आधिकारिक मेयर आवास में रहेंगे। उन्हें ऐसा शहर मिला है जो COVID-19 महामारी के बाद धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है, लेकिन महंगाई और बढ़ते किराए अभी भी लोगों की बड़ी चिंता बने हुए हैं। इसके साथ ही उन्हें रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख का भी सामना करना पड़ सकता है। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि ममदानी के जीतने पर न्यूयॉर्क की फेडरल फंडिंग रोकी जा सकती है, हालांकि बाद में उनके बयान कुछ नरम पड़ते दिखे।


