आगरा: बिहार-एमपी भेजी जानी थी जहरीली शराब, पुलिस ने किया भंडाफोड़
आगरा के कागारौल थाना क्षेत्र के अकोला गांव में पुलिस ने नकली शराब बनाने के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी अपने कारनामे को छिपाने के लिए घर में आरओ प्लांट लगाकर अवैध फैक्टरी चला रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नकली शराब और कच्चा माल बरामद किया है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नकली शराब की बड़ी खेप सप्लाई के लिए ले जाई जा रही है। इस पर लालऊ पुल के पास बिना नंबर की काली कार को रोका गया। तलाशी में कार से 74 पेटियों में भरी 3552 क्वार्टर ‘इंपीरियर ब्लू’ ब्रांड की नकली शराब बरामद हुई। मौके से अछनेरा क्षेत्र के रायभा गांव निवासी नरेश, उसका भाई उम्मेद सिंह और न्यू आगरा निवासी प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के बाद पुलिस आरोपियों की निशानदेही पर अकोला गांव में सत्यप्रकाश के घर पहुंची। पुलिस को देखकर सत्यप्रकाश ने सबूत मिटाने के इरादे से स्प्रिट से भरे ड्रम में आग लगा दी, लेकिन पुलिस ने समय रहते आग पर काबू पा लिया और उसे भी गिरफ्तार कर लिया। मौके से 50 लीटर स्प्रिट, 89 खाली बोतलें और ढक्कनों से भरी एक बोरी बरामद की गई।
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए आदित्य कुमार ने बताया कि आरोपी लंबे समय से नकली शराब बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। मुख्य आरोपी नरेश पहले राजस्थान में शराब की दुकान पर काम कर चुका था और उसे मिलावट की पूरी जानकारी थी। वह स्प्रिट में थोड़ी मात्रा में असली शराब, रंग और पानी मिलाकर जहरीली शराब तैयार करता था। पूछताछ में सामने आया कि तैयार शराब को बिहार और मध्यप्रदेश में सप्लाई करने की योजना थी। सत्यप्रकाश ने अपने बेटों को ग्राहक तलाशने के लिए अलग-अलग राज्यों में भेजा था। शुरुआत में आसपास के गांवों में शराब खपाई गई, फिर बड़े बाजार की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार इस तरह की मिलावटी शराब के सेवन से लीवर खराब होने, कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। स्प्रिट की अधिक मात्रा होने पर शराब जानलेवा भी साबित हो सकती है। सर्विलांस, एसओजी और थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह को पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि जो आरोपी मौके से फरार हुए हैं, उनकी तलाश जारी है।


