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आगरा: होटल में ताबड़तोड़ फायरिंग, हत्या के आरोपी राज चौहान की मौत

आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात सनसनी फैल गई। टेढ़ी बगिया–जलेसर रोड स्थित एक होटल में अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या के आरोपी राज चौहान को मौत के घाट उतार दिया। सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया गया।

राज चौहान मूल रूप से हाथरस के सादाबाद क्षेत्र के गांव बेदई का रहने वाला था और उसका परिवार लंबे समय से ट्रांस यमुना इलाके में रह रहा था। वह हत्या के प्रयास के एक मामले में करीब एक साल से जेल में बंद था और 2 दिसंबर को ही रिहा हुआ था। जेल से छूटने के बाद उसके भाई हर्ष ठाकुर के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर जुलूस निकाला गया था, जिसे लेकर न्यू आगरा थाने में 12 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। शुक्रवार को राज चौहान अपने कुछ दोस्तों के साथ एसएन होटल में मौजूद था। इसी दौरान उसके कुछ परिचित युवक वहां पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, कमरे में शराब पी जा रही थी और किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद अचानक गोलियां चलने लगीं।

गंभीर रूप से घायल राज चौहान जान बचाने के लिए कमरे से बाहर गैलरी की ओर भागा, लेकिन हमलावरों ने पीछा करते हुए उस पर फिर से गोलियां बरसा दीं। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से पांच खोखे मिले हैं और राज के शरीर में चार गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। कमरे से शराब की खाली बोतलें और गिलास बरामद किए गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हमलावरों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। किसी भी संभावित तनाव को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

वर्चस्व की लड़ाई और पुरानी रंजिश

स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रांस यमुना क्षेत्र में ठाकुर और यादव बिरादरी के नाम पर लंबे समय से दबदबे की लड़ाई चल रही थी। राज चौहान और आलोक यादव गैंग के बीच अवैध वसूली और यमुना किनारे जुए के धंधे को लेकर टकराव बना हुआ था। मई 2024 में राज चौहान पर नगला रामबल निवासी प्रिंस उर्फ काली यादव को गोली मारने का आरोप भी लगा था। सूत्रों का कहना है कि एक सप्ताह पहले यमुना किनारे जुए की लूट के दौरान पुलिस से मुठभेड़ जैसी स्थिति बनी थी, जिसमें कुछ वाहनों को जब्त कर लोगों का शांतिभंग में चालान किया गया था।

आपराधिक इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राज चौहान ने नाबालिग अवस्था में अपने दादा की हत्या भी की थी, जिसके चलते उसे दो साल बाल सुधार गृह में रखा गया था।

होटल पहले भी रहा विवादों में

जिस होटल में वारदात हुई, उसे कुछ दिन पहले ही पुलिस ने बंद कराया था। होटल प्रबंधन पर अनैतिक गतिविधियों के आरोप लगे थे और अन्य कमरों से भी आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात सामने आई है।

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