यूपीएमआरसी की बड़ी पहल: यमुना, रावली और हरीपर्वत पर बनेंगे आधुनिक स्टील गर्डर पुल

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने शहर में चल रहे दोनों मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य में तेजी ला दी है। यमुना नदी, रावली और हरीपर्वत चौराहे पर स्टील गर्डर से बने आधुनिक पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जरूरी सभी स्टील गर्डर डिपो में पहुंच चुके हैं और अगले महीने से पुल निर्माण का काम शुरू होने वाला है। स्टील गर्डर की खासियत यह है कि यह बेहद मजबूत होते हैं और इनकी उम्र 100 साल से भी ज्यादा मानी जाती है।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा के अनुसार, दूसरे कॉरिडोर में कुल तीन पुल बनाए जाने हैं। इनमें यमुना नदी पर बनने वाला पुल सबसे लंबा होगा, जबकि रावली और हरीपर्वत चौराहे पर भी नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इन सभी पुलों में पहली बार स्टील गर्डर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो मजबूती और टिकाऊपन के लिहाज से बेहतर मानी जाती है।
सबसे पहले रावली और हरीपर्वत चौराहे पर पुल निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। इन स्थानों पर रेलवे लाइन गुजरती है, जिसके ऊपर से मेट्रो पुल बनाया जाएगा। इसके साथ ही सड़क यातायात को सुचारू रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। वहीं, यमुना नदी पर बनने वाले पुल के निर्माण में करीब 10 महीने का समय लगने का अनुमान है।
यूपीएमआरसी का लक्ष्य है कि पहले और दूसरे दोनों कॉरिडोर का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए। दिसंबर तक पहले कॉरिडोर में ताज पूर्वी से सिकंदरा तक मेट्रो स्टेशनों पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। वहीं, दूसरे कॉरिडोर में इसी साल जून तक आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना है। कालिंदी विहार तक मेट्रो का विस्तार मार्च 2027 तक पूरा होगा। मेट्रो परियोजना के पूरा होने के बाद शहर में करीब 30 किलोमीटर की दूरी मेट्रो ट्रेन से तय की जा सकेगी। इससे न सिर्फ यातायात जाम से राहत मिलेगी, बल्कि यात्रियों का समय और किराया दोनों की बचत होगी।


