आगरा में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सोमवार को सिकंदरा इलाके में नशे के कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 210 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 21 लाख रुपये आंकी गई है।
एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि दिल्ली से भारी मात्रा में एमडीएमए लेकर दो तस्कर बस के जरिए गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर टीम ने सिकंदरा क्षेत्र में घेराबंदी की और जैसे ही दोनों संदिग्ध बस से उतरे, उन्हें हिरासत में ले लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हमीरपुर जिले के थाना मौदहा क्षेत्र के रतवा गांव निवासी जयचंद यादव और राजेश यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे साझेदारी में ड्रग तस्करी का काम कर रहे थे और बीते एक साल से मुंबई, कोलकाता और दिल्ली-एनसीआर में एमडीएमए की सप्लाई कर चुके हैं।
आरोपियों ने यह भी बताया कि वे इससे पहले कई बार 300-300 ग्राम एमडीएमए मुंबई और दिल्ली पहुंचा चुके हैं। इस बार वे दिल्ली से माल लेकर मध्य प्रदेश के छतरपुर जा रहे थे, जहां से इसे आगे सप्लाई किया जाना था। एएनटीएफ के सीओ उमेश पंवार ने बताया कि मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत सिकंदरा थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
निरीक्षक हरवेंद्र मिश्रा के अनुसार, एमडीएमए एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है, जिसे मेथिलीनडाइऑक्सी-एन-मेथेम्फेटामाइन कहा जाता है। यह नशा रेव पार्टियों और डांस क्लबों में अधिक प्रचलित है। एक ग्राम की कीमत 5 से 6 हजार रुपये तक होती है और इसका असर कई घंटों तक रहता है। एएनटीएफ का कहना है कि एमडीएमए अवैध तरीके से तैयार की जाती है और इसे “डिजाइनर ड्रग” की श्रेणी में रखा जाता है। इसका सेवन व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।


