आगरा टर्मिनल नहर में नालों और एसटीपी का दूषित पानी गिरने से किसानों की फसल और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन को किसानों की मौजूदगी में नहर के पानी के नमूने लेकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। आगरा टर्मिनल नहर से जिले के कई ब्लॉकों के खेतों की सिंचाई होती है। बिचपुरी क्षेत्र के पास जल निगम और नगर निगम की एसटीपी के साथ-साथ कई खुले नाले इस नहर में गिरते हैं। इससे नहर का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो चुका है।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर का कहना है कि नहर में साफ पानी के बजाय कीचड़ जैसा गंदा पानी बह रहा है। भूजल स्तर गिरने के कारण किसान मजबूरी में इसी नहर के पानी से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे फसलें खराब हो रही हैं। इतना ही नहीं, सिंचाई के दौरान किसानों को त्वचा संबंधी बीमारियां भी हो रही हैं। किसानों की मांग पर सीडीओ प्रतिभा सिंह ने बताया कि जल्द ही एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी, जिसमें सिंचाई विभाग के अधिकारी और किसानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह टीम नहर के पानी के नमूने लेकर जांच कराएगी, ताकि समस्या का समाधान किया जा सके।


