आगरा में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारी न्यायालय, मुख्य राजस्व लेखागार सहित विभिन्न पटल और न्यायालयों में फाइलों की स्थिति और रखरखाव की जांच की। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि पांच वर्ष से अधिक पुराने 28 मुकदमे और तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित करीब 246 मुकदमे अभी तक निस्तारित नहीं हुए हैं। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए सभी पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने लंबे समय से जमा पुराने शस्त्रों को डिस्मेंटल कराने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार करने को कहा। राजस्व अभिलेखागार की स्थिति का भी जायजा लिया गया, जहां साफ-सफाई सुनिश्चित कराने और रिकॉर्ड रूम का अग्निशमन विभाग से सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को रिकॉर्ड रूम का नियमित निरीक्षण करने के लिए कहा। साथ ही लंबित ऑडिट आपत्तियों के शीघ्र निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित प्रभारी अपर जिलाधिकारी को सौंपी गई। जिन ग्रामों के नक्शे उपलब्ध नहीं हैं, उनके संबंध में आवश्यक पत्रलेख प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए। इस मौके पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


