उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद निलंबित किए गए अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को लेकर लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि इस्तीफा देने के तुरंत बाद अलंकार अग्निहोत्री ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से बातचीत की थी और उन्हें अपने फैसले की जानकारी दी थी। सूत्रों के अनुसार, यह संपर्क अचानक नहीं था। बताया जा रहा है कि बीते कुछ महीनों से अलंकार अग्निहोत्री की सपा के बड़े नेताओं से बातचीत चल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि बरेली में कई सपा नेताओं के साथ अलंकार की नजदीकियां थीं और वे उन्हें अपने साथ रखते थे।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से भी हुई बातचीत
इस्तीफे की घोषणा और निलंबन के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने उनके फैसले की सराहना करते हुए कहा कि सनातन समाज ऐसे लोगों का सम्मान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के क्षेत्र में अलंकार को सरकार से भी बड़ा दायित्व दिया जा सकता है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कथित तौर पर कहा, “आपके कदम का सनातन समाज अभिनंदन करता है। सरकार ने जो पद दिया था, उससे ऊंचा पद आपको मिलेगा।”
इस्तीफे की वजह बना विवाद
गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री ने यह आरोप लगाकर इस्तीफा दिया था कि राज्य सरकार शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रही है। हालांकि सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सियासी तापमान चढ़ा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष सरकार पर तीखे हमले कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे साजिश करार दे रहा है। फिलहाल यह मामला सरकार बनाम शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।


