अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने दिसंबर 2025 में बड़ा फैसला लेते हुए माली और बुर्किना फासो सहित 19 देशों के नागरिकों के लिए अमेरिकी वीज़ा पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। यह फैसला 1 जनवरी 2026 से लागू हो गया। इस कदम के जवाब में पश्चिम अफ्रीकी देशों माली और बुर्किना फासो ने तुरंत पलटवार करते हुए अमेरिकी नागरिकों पर वीज़ा और यात्रा प्रतिबंध लगा दिए। दोनों देशों ने साफ किया कि ये प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। गौरतलब है कि माली पहले ही अक्टूबर 2025 में अमेरिकी पर्यटकों के लिए सख्त नियम लागू कर चुका था, जिसके तहत अमेरिका से आने वाले यात्रियों को करीब 8.30 लाख रुपये तक का बॉन्ड जमा करना अनिवार्य किया गया था। इससे पहले नाइजर अमेरिका के खिलाफ वीज़ा बैन लगाने वाला पहला देश बन चुका है।
ट्रंप प्रशासन ने बढ़ाई प्रतिबंधित देशों की सूची
इसी बीच, 16 दिसंबर को ट्रंप प्रशासन ने यात्रा प्रतिबंधों को और सख्त करते हुए 20 नए देशों को सूची में शामिल करने की घोषणा की। इस बार प्रतिबंधों के दायरे में फलस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी दस्तावेजों पर यात्रा करने वाले लोग भी शामिल कर लिए गए हैं। इस फैसले के बाद अमेरिका की यात्रा और वहां बसने पर प्रतिबंध झेलने वाले देशों की संख्या दोगुनी हो गई है। प्रशासन ने पांच देशों को पूर्ण यात्रा प्रतिबंध वाली श्रेणी में जोड़ा है, जबकि 15 अन्य देशों पर आंशिक लेकिन कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
जून से शुरू हुआ था प्रतिबंधों का सिलसिला
इससे पहले जून 2025 में ट्रंप प्रशासन ने 12 देशों के नागरिकों पर अमेरिका आने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल थे। इसके अलावा, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला के नागरिकों पर सख्त यात्रा शर्तें लागू की गई थीं। अब इस सूची में बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया को भी जोड़ दिया गया है।


