केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है, भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है और चुनावी लाभ के लिए सीमा सुरक्षा से जुड़े कदमों में जानबूझकर बाधाएं खड़ी कर रही है। एक कार्यकर्ता सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बंगाल के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें नई ट्रेनों की शुरुआत और बड़े आर्थिक पैकेज शामिल हैं, लेकिन इनका लाभ गांवों तक नहीं पहुंच रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र से भेजी गई धनराशि आखिर कहां जा रही है और दावा किया कि यह पैसा कथित तौर पर स्थानीय सिंडिकेट के जरिए गलत हाथों में पहुंच रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो हर योजना का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचेगा और बिचौलियों की भूमिका खत्म की जाएगी।
उन्होंने चुनावी हिंसा का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान कई पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले हुए, अनेक लोग घायल हुए और कुछ को झूठे मामलों में फंसाया गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने साथियों के बलिदान को याद रखें और आगामी चुनावों में पूरी ताकत से जुटें। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी देश के कई राज्यों में सरकार चला रही है और अब पश्चिम बंगाल में भी सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य रखा गया है।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार की विदाई तय है। उनके मुताबिक, राज्य में नई सरकार बनना न केवल विकास के लिहाज से, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती नहीं दिखा रहे, जिसके कारण फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों को देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जा रहा है। हाल ही में कोलकाता के पास एक फैक्टरी में लगी आग का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया।


